मॉडल कॉलेज बरहरवा में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, सफलता के मंत्र दिए गए

मॉडल कॉलेज बरहरवा में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, सफलता के मंत्र दिए गए
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मॉडल कॉलेज बरहरवा में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, सफलता के मंत्र दिए गए

बरहरवा। मॉडल कॉलेज बरहरवा में सोमवार को नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए स्वागत सह परिचय उन्मुख कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर परिसर में शिक्षा, संस्कृति और प्रेरणा का अनूठा संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि के रूप में राजमहल विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद मारूफ उर्फ गुड्डू, विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य रणधीर सिंह, और महाविद्यालय के बर्सर डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में सभी अतिथियों ने अमर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूतों को नमन किया।

इसके बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से साल, मोमेंटो और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं, अनुशासन और उपलब्धियों से अवगत कराया। डॉ. सिंह ने कहा कि यह कॉलेज न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का भी मंच है।

मुख्य अतिथि मोहम्मद मारूफ उर्फ गुड्डू ने अपने संबोधन में मॉडल कॉलेज की निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र में उच्च शिक्षा का नया द्वार खुला है। अब स्थानीय विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूर-दराज़ जाने को मजबूर नहीं हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कॉलेज के विकास और छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वे हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे।

मॉडल कॉलेज बरहरवा में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, सफलता के मंत्र दिए गए

विशिष्ट अतिथि रणधीर सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए पुस्तकों से मित्रता और मोबाइल से उचित दूरी आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की पीढ़ी के पास असीमित अवसर हैं, लेकिन उनका सही उपयोग तभी संभव है जब वे अनुशासन, परिश्रम और धैर्य को अपनाएं।

महाविद्यालय के बर्सर डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद ने विद्यार्थियों को आत्मसंयम और नियमों के पालन का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि अनुशासन वह आधारशिला है जिस पर भविष्य की इमारत खड़ी होती है। यदि विद्यार्थी अपने जीवन में समय का सही प्रबंधन करना सीख लें, तो उन्हें सफलता से कोई नहीं रोक सकता।

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के शिक्षकगण और वरिष्ठ विद्यार्थियों ने नवप्रवेशी छात्रों को कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों, पुस्तकालय सुविधाओं, खेलकूद और सांस्कृतिक आयोजनों की जानकारी दी। इस अवसर पर नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भी अपना परिचय दिया और अपनी शैक्षणिक आकांक्षाओं को साझा किया।

समारोह में देशभक्ति और प्रेरणा से भरे गीतों के साथ वातावरण उल्लासपूर्ण बना रहा। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने किया।

मॉडल कॉलेज के इस आयोजन ने न केवल नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए एक यादगार शुरुआत दी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली शक्ति है।मौके पर कॉलेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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